Hanuman Mandir: श्री संकट मोचन हनुमान जी की अद्भुत है यह प्रतिमा, जबलपुर में कर सकते हैं दर्शन !

Hanuman Mandir: श्री संकट मोचन हनुमान जी की अद्भुत है यह प्रतिमा, जबलपुर में कर सकते हैं दर्शन !
तैरते हुए हनुमान जी’
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Hanuman Mandir News: मध्य प्रदेश का एक प्रमुख शहर जबलपुर जहां से नर्मदा नदी होकर निकलती है. इसी नर्मदा नदी के बीचों में संकट मोचन हनुमान जी के एक बहुत बड़ी प्रतिमा है जो नर्मदा की लहरों को चीरते हुए अपनी स्थिति में विराजमान है. अगर आप भी इसके दर्शन करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को एक बार पढ़ लीजिए। ‌ क्योंकि इसके बाद आप लोग इसकी महिमा जानने के साथ-साथ अद्भुत हनुमान मंदिर की प्रतिमा के दर्शन करने का लुप्त भी उठा पाएंगे।

जबलपुर में होंगे अद्भुत हनुमान जी की प्रतिमा के दर्शन

आप लोगों ने हनुमान मंदिर का ही सारे देखे होंगे और उनके दर्शन भी भली-भांति किए होंगे लेकिन हम आपके लिए हनुमान भक्तों के लिए एक ऐसी हनुमान जी की प्रतिमा के बारे में बताने वाले हैं जिसकी अलग ही महिमा है. यह प्रथम मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में स्थित है जहां पर आप लोग इसकी दर्शन कर सकते हैं.

संकट मोचन हनुमान जी (Hanuman Mandir News) के कई सारे रूप होते हैं जिसमें एक रूप में आप लोग ऐसे नर्मदा की लहरों को चीरते हुए देख सकते हैं। ‌ जबलपुर से 15 किलोमीटर दूर काली घाटी में नर्मदा के तट पर स्थापित की गई है। फोटो में आप लोग इस प्रतिमा का दर्शन कर सकते हैं । लेकिन इसका वास्तविक अनुभव तो नर्मदा मां की गोद में जाकर ही हनुमान जी की प्रतिमा का दर्शन का लाभ लिया जा सकता है।

10 साल से है विराजमान हनुमान जी की यह मूर्ति

स्थानीय लोगों के द्वारा बताया गया कि करीब 8 से 10 साल पहले ही हनुमान जी की इस मूर्ति को नर्मदा नदी के बीचो-बीच स्थापित किया गया था तब से लेकर आज तक यह मूर्ति बिना हिले डोले एक जगह पर विराजमान है और भक्तों को कृतार्थ कर रही है। ‌ दरअसल इसके पीछे कहानी यह है कि नर्मदा की संगम के बीच हनुमान जी की यह मूर्ति करीब 8 – 10 साल पहले कुछ युवकों के द्वारा यहां पर लगाया गया था.

उनके मुताबिक हनुमान जी की यह मूर्ति खंडित हो चुकी थी , जिसके बाद उन्होंने उसको नर्मदा नदी में विसर्जन के लिए रख दिया था। तब से लेकर अभी तक यह मूर्ति बिना किसी आपत्ती के एक पत्थर के ऊपर अभी भी विराजमान है। इसलिए लोग इन्हें यहां पर इन्हें ‘तैरते हुए हनुमान जी’ के नाम से जानते हैं। ‌ बताया गया है कि हनुमान जी की यह मूर्ति (प्रतिमा) करीब 10 साल पुरानी है. चाहे अंधी हो , तूफान हो, बाढ़ हो या नर्मदा की लहरें तेज उफान पर हो, श्री संकट मोचन हनुमान जी की प्रतिमा को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा पाई है।

सैकड़ो लोग आते हैं दर्शन करने

स्थानीय लोगों के मुताबिक ‘तैरते हुए हनुमान जी’ के प्रतिमान के दर्शन करने के लिए सैकड़ो लोग यहां पर आते रहते हैं. जब बारिश का मौसम होता है तो ऐसे में करीब 3 महीने के लिए हनुमान जी की यह मूर्ति नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से पानी के अंदर ही रहती है. इसलिए ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी 3 महीने के लिए विश्राम करते हैं। ‌ जब नर्मदा नदी का जल स्तर कम हो जाता है तो वह अपनी नींद पूरी होने के बाद भक्तों को दर्शन देते हैं। जिस जगह पर हनुमान जी की यह प्रतिमा रखी हुई है, वहां पर पहले के समय में करीब 15 फीट की गहराई बताई जाती थी।