
जनेऊ पहनने के फायदे (Janeu Dharan Karne Ke Fayade) के बारे में अगर आप जानना चाहते हैं, तो उससे पहले आपको यह जान लेना आवश्यक है कि जरूर आखिर होता क्या है? और सनातन धर्म में इसको इतनी अधिक महत्व क्यों दिया गया है अगर आप लोग भी जानना चाहते हैं कि यह सब क्यों होता है? तो पहले आपको बता दे की जनेऊ सनातन संस्कृति में 16 श्रृंगार में से एक माना जाता है. जब किसी भी बच्चों का पहला के समय में उपनयन संस्कार होता था तो उसे समय जनेऊ धारण करना अनिवार्य होता था.
जनेऊ क्या होता है ?
जनेऊ एक प्रकार का ऐसा धागा है जो कि सनातन संस्कृति में बहुत ही ज्यादा महत्व रखता है इस धागे को तीन भागों वाले सूट से मिलकर बनाया जाता है और यह पवित्र धागा होता है. इसको हर सनातनी को धारण करना चाहिए क्योंकि हमारे सनातन संस्कृति में इसको लेकर बधाई महत्व बताया जाता है. बता दे की जनेऊ को धारण करने के लिए बाए कंधे के ऊपर और दाएं कंधे के नीचे जनेऊ को धारण करना होता है. इसमें जो तीन सूत होते हैं वह सभी सनातन संस्कृति के तीन महत्वपूर्ण ईश्वर ब्रह्मा विष्णु महेश के प्रतीक माने जाते हैं.
जनेऊ पहनने के फायदे क्या है?
Jamey Dharan Karne Ke Fayade: सभी पर सबसे पहला धर्म सनातन धर्म माना जाता है. और सनातन धर्म में जनेऊ बहुत ही महत्वपूर्ण बताया जाता है. संस्कृत में इसे यज्ञोपवीत कहा जाता है. जिसका अर्थ यह माना जाता है कि उपनयन संस्कार जिसमें जनेऊ पहनने के साथ-साथ विद्या आरंभ की जाती है.
जब पहले के समय में स्कूल नहीं हुआ करते थे उसे समय गुरुकुल हुआ करते थे. जब भी ऋषि मुनि गुरुकुल में किसी भी बच्चे को अपने यहां शिक्षा देने के लिए रखते थे तो उसका सबसे पहले उपनयन संस्कार किया जाता था. इस संस्कार में उसका मुंडन करने के साथ-साथ पवित्र जल से स्नान कराया जाता था. और यह सभी जनेऊ के बिना संभव नहीं हो पता था. इसी वजह से हमारे संस्कारों में ऐसे बहुत ही अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. क्योंकि इसको पहनने की काफी सारे फायदे होते हैं आईए जानते हैं उनके बारे में !
- जनेऊ पहनने से तीनों ब्रह्मा, विष्णु और महेश की कृपा आपके ऊपर हमेशा बनी रहती है.
- जनेऊ पहनने से आपको हमेशा सकारात्मक विचार आते हैं. इसलिए प्रत्येक सनातनी व्यक्ति को जनेऊ पहनना चाहिए..
- जनेऊ पहनने के बाद आपका स्वास्थ्य काफी अच्छा हो जाता है.
- अगर आप बुरे सपने से परेशान है कि आपको रात के समय बुरे सपने आते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको जनेऊ धारण करना चाहिए।
- अगर आप कोई शुभ कार्य करने जा रहे हैं और आपको नकारात्मक विचार आते हैं तो ऐसी स्थिति में भी जनेऊ धारण कर सकते हैं.
- वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार जानू व्यक्ति को इसलिए पहनना चाहिए क्योंकि उसको पहनने से हृदय रोग और ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए और खून प्रभाव को बेहतर करने के लिए जनेऊ धारण करने से सब कुछ नियंत्रण में रहता है.
- धार्मिक शास्त्रों के अनुसार कान के ऊपर थोड़े समय के लिए जनेऊ रखना और कसने किसी भी छात्र की स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है.
- अगर आप आध्यात्मिक जीवन का प्रारंभ कर रहे हैं तो इसकी शुरुआत जनेऊ धारण करने के साथ कर सकते हैं.
जनेऊ धारण करने के नियम और मंत्र
देखिए जब इस रतन संस्कृत में जनेऊ से संबंधित बात आती है तो बता दे कि इसको पहनने के कुछ नियम होते हैं. जनेऊ धारण करने के साथ आपको मंत्र का जाप भी करना होता है. इसके लिए मंत्र – ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं, प्रजापतेयर्सहजं पुरस्तात्। आयुष्यमग्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं, यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः ।। और जनेऊ उतारने के लिए मंत्र – एतावद्दिन पर्यन्तं ब्रह्म त्वं धारितं मया। जीर्णत्वात्वत्परित्यागो गच्छ सूत्र यथा सुखम् ॥ का उपयोग किया जाता है.
इसके अलावा आपको जनेऊ पहनने के साथ ही कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए. जैसे की एक बार अगर आपका उपनयन संस्कार हो जाता है और आप जनेऊ धारण कर लेते हैं तो आपको आजीवन इस पवित्र धागे को धारण करते रहना चाहिए. इसके अलावा इसको धारण करने के लिए बाएं कंधे के ऊपर की तरफ से दाएं हाथ की तरफ नीचे की ओर पहनना चाहिए.
इसके अलावा मल मूत्र त्यागने के समय इसे दाहिने कान पर चढ़ाकर हाथ साफ करने के पक्ष इसे वापस उतरना चाहिए. इसके अलावा जब भी किसी व्यक्ति का जन्म होता है या किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो ऐसी स्थिति में जानू आपका अपवित्र हो जाता है तो जानू को ऐसी स्थिति में बदलना बहुत ही आवश्यक होता है. इस दौरान मंत्रों का अवश्य ध्यान रखें ।

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