नवरात्रि में करीला धाम माता मंदिर में लगती है भक्तों की भीड़, अनोखी है परंपरा इस सिद्ध स्थल की

करीला धाम माता मंदिर (Karila Dham Mata Ja Mandir)
करीला धाम माता मंदिर (Karila Dham Mata Ja Mandir)
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करीला धाम माता मंदिर (Karila Dham Mata Ja Mandir) – भारत एक बहुत बड़ा देश है यहां पर हर कोने में एक अलग ही प्रकार का मंदिर और उसकी मान्यता होती है. आज हम आपको भगवान श्री राम और माता-पिता लक्ष्मण जी से जुड़े एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने वाले हैं जिसकी परंपरा एकदम अलग है. अगर आप अपने पैरों को हमने पूरी करना चाहते हैं तो यहां पर आपको करीला माता को नहीं बल्कि किसी और को अपनी मनोकामना बतानी पड़ती है.

इतना ही नहीं है इतना सिद्ध स्थल है कि यहां पर नवरात्रि के दिनों में लाखों लोगों की भीड़ लग जाती है. इसे स्थानीय लोग छोटी करीला माता का मंदिर कहते हैं. यह मंदिर मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है. जिस पर कई सारे भक्तों की आस्था है. कई सारे ट्रक ड्राइवर ट्रक सी ड्राइवर अपनी गाड़ियों पर भी जय करीला धाम इसलिए लिखवाते हैं क्योंकि उन पर माता की कृपा हो।‌

सिद्ध स्थलों में नाम है छोटा करीला धाम का

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के क्षेत्र में एक छोटा करीला धाम माता का मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है यह मंदिर बनावटी दृष्टि से तो ज्यादा भव्य नहीं है. लेकिन यहां पर दूर-दूर से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं. अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए यहां पर भक्तों की भीड़ नवरात्रि के समय बहुत ही ज्यादा रहती है.

ऐसा कहा जाता है कि यह करीला धाम माता का मंदिर भक्तों के लिए इच्छा पूर्ति का मंदिर है। ‌ लेकिन यहां पर इच्छा बताने के लिए या अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए एक अलग विधि अपनानी पड़ती है. जबकि आमतौर पर दूसरे मंदिरों में आपने देखा होगा कि नारियल में धागा बांधकर या फिर अलग-अलग तरीके से माता जी से मन्नत मांगी जाती है. लेकिन यह छोटा करीला धाम इसलिए खबरों में है क्योंकि यहां पर मन्नत मांगने का तरीका एकदम अलग है.

कैसे मन्नत मांगते हैं छोटे करीला धाम मंदिर में

अगर आप इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जाना चाहते हैं तो बता दे की आमतौर पर दूसरे मंदिरों में कहीं पर चिट्ठी में अपनी मनोकामना लिखकर माताजी या भगवान के सामने रखी जाती है. कुछ जगह पर नारियल में लाल रंग का धागा बांधकर अपनी मनोकामना बताई जाती है तथा कुछ जगह पर पेड़ के चारों ओर घूम कर धागा लपेटने के साथ मन्नत मांगी जाती है. लेकिन एकमात्र छोटा करीला धाम माता का मंदिर है, जहां पर अगर आप मन्नत मांगते हैं तो आपको नृत्य करना होता है. अर्थात नृत्य करने वाली महिलाओं की यहां पर मन्नत पूरी होती है।

भक्तों की लगती है नवरात्रि में भीड़

बता दे की एक छोटे करीले धाम माता के मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर भक्तों की बहुत अधिक भीड़ लगती है इस समय जैसा कि आपको पता है कि चैत्र नवरात्रि का यह समय है. चैत्र नवरात्रि में भक्तों की भीड़ बहुत अधिक है. हजारों लोग दर्शन करने के लिए यहां पर आते हैं और अपनी मनोकामना माता जी को बताते हैं. यह मंदिर मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में अशोकनगर जिले के अंतर्गत लगभग 35 किलोमीटर दूर को विदिशा से 80 किलोमीटर (पिन कोड – 473331) दूर आता है.

होली और रंग पंचमी के अवसर पर यहां पर भक्तों की भीड़ लगती है. अगर माताजी की बात करें तो यहां पर प्रभु श्री राम के अलावा लव कुश ऋषि वाल्मीकि लक्ष्मण माता सीता स्थापित है हालांकि दोनों के लिए अलग-अलग मंडे बनाए गए हैं. एक मंडप में माता सीता के साथ ऋषि वाल्मीकि और लव कुश स्थापित है तथा दूसरे मंडे में प्रभु श्री राम माता सीता और लक्ष्मण जी को स्थापित किया गया है. इसके कारण इस मंदिर को स्थानीय लोग ‘जानकी रमण मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं.