वैभव लक्ष्मी का व्रत कब से शुरू करें 2024?

वैभव लक्ष्मी का व्रत कब से शुरू करें 2024
वैभव लक्ष्मी का व्रत कब से शुरू करें 2024
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वैभव लक्ष्मी व्रत 2024: इस साल अगर आप लक्ष्मी माता की कृपा पाना चाहते हैं या फिर धन की कमी से परेशान है और माता की कृपा आप पर नहीं बरस रही है तो ऐसी स्थिति में हम आपको बताने जा रहे हैं कि हम आप इस साल 2014 के माता लक्ष्मी जी की व्रत के लिए कैसे शुरुआत कर सकते हैं और व्रत के दौरान आपको किस मंत्र का जाप करना चाहिए उनकी पूजा कैसे करना चाहिए? इसके अलावा आपको बता तो क्या लक्ष्मी माता का व्रत आमतौर पर शुक्रवार से शुरू किया जाता है.

वैभव लक्ष्मी व्रत 2024

भारत की सनातन संस्कृति में उपवास का बहुत ही अधिक महत्व माना जाता है. वैसे तो कई प्रकार के व्रत यहां पर बताए जाते हैं लेकिन आज हम वैभव लक्ष्मी व्रत के बारे में बात करने वाले हैं‌।‌ जिसे आमतौर पर महिलाएं रखती है. इस रात को शुक्रवार के दिन से रखा जा सकता है और शाम को व्रत के समाप्त होने के उपलक्ष में प्रत्येक शुक्रवार को माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है.

पूजा के दौरान आप माता लक्ष्मी जी को कई प्रकार की वस्तुएं भेंट कर सकते हैं जिसमें फल फ्रूट, और दूसरे प्रकार के खाने का सामान जैसे खीर चावल इत्यादि शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा चाहे तो आप किसी गरीब जरूरतमंद व्यक्ति की मदद कर सकते हैं. जो लोग भी इस त्यौहार का व्रत धारण करते हैं, उनको फलाहार भेंट कर सकते हैं.

इस दिन से करें वैभव लक्ष्मी व्रत की शुरुआत

वैभव लक्ष्मी व्रत की शुरुआत शुक्रवार को प्रत्येक सप्ताह में की जा सकती है इस दौरान आपको सुबह जल्दी उठकर माता लक्ष्मी जी को प्रणाम करके व्रत का संकल्प ले सकते हैं और यह व्रत आमतौर पर 7, 11 या फिर 21 दिनों के लिए लिया जाता है. इस दौरान आप अगले 7 दिन तक या फिर अगले 11 या 21 दिनों तक वैभव लक्ष्मी व्रत को उदाहरण करके इस दौरान बिल्कुल भी अन्न ग्रहण नहीं करना होता है.

अगर आप चाहे तो फल आहार ग्रहण कर सकते हैं. संकल्प लेने के पश्चात प्रत्येक उपवास के दौरान आपको शाम के समय माता लक्ष्मी जी की पूजा विधि विधान से करनी होती है. इस दौरान आप माता की तस्वीर या फिर मूर्ति के सामने बैठकर भजन पाठ कर सकते हैं और आठ और रूपों की पूजा कर सकते हैं. आमतौर पर आप व्रत के दौरान फल ग्रहण कर सकते हैं लेकिन कोशिश करें कि इस दिन आप बिना कुछ खाए ही व्रत रहे.

माता लक्ष्मी जी की पूजा विधि

वैभव लक्ष्मी की व्रत रखने के लिए आवश्यक है कि आप उनकी पूजा विधि विधान से करें शुक्रवार को पूजा करने के लिए माता लक्ष्मी की सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर व्रत का संकल्प लेने के पश्चात एक बेदी के ऊपर माता लक्ष्मी जी की तस्वीर या फिर मूर्ति रखकर उनको वस्त्र पहनाए है.

इस दौरान ध्यान रहे कि खुद भी सबसे पहले अच्छे से शुद्ध जल से स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनना है. आप चाहे तो नजदीकी मंदिर में दर्शन करने के लिए जा सकते हैं।‌ या फिर लाल चौकी पर माताजी की तस्वीर को रख सकते हैं. इस दौरान विधि विधान से पूजा करें और माता जी की आरती की अवश्य ध्यान रखें. व्रत के दौरान आप माता लक्ष्मी के मंत्र का जाप करें.

पूजा के दौरान फुल रोली अक्षत पंचामृत चढ़ाएं। इतना ही नहीं ऐसा कहा जाता है कि माता जी को खीर बहुत ही अधिक पसंद होती है तो आप चावल के लिए बनाकर उन्हें अर्पित अवश्य करें और माता लक्ष्मी जी की आरती करें. इसी के साथ आप कथा का श्रवण भी कर सकते हैं. पूजा समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक शुक्रवार को दिन में एक बार भोजन किया जा सकता है.

ऐसे करें व्रत का उद्यापन

अगर आपने 7, 11 या 21 दिनों के लिए वैभव लक्ष्मी व्रत धारण करने का संकल्प लिया है तो ऐसी स्थिति में आपका यह सर्कल पूरे होने के बाद आप लोगों को उद्यापन करना होता है इस दौरान आपको छोटी सात कुंवारी कन्याओं को भोजन करवाते हैं. उनके पैर धोकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें भोजन करवाने के दौरान माता जी की एक किताब के साथ खीर के साथ-साथ अन्य प्रकार के प्रहार और मीठा प्रसाद शामिल कर सकते हैं.